खबरे (26/10/2020)


आपकी गाड़ी में नहीं है ये डॉक्युमेंट तो देने होंगे 10,000, क्या है नियम?

PUC सर्टिफिकेट वाहन मालिक को तब मिलता है जब गाड़ी प्रदूषण कंट्रोल मानकों पर खरा उतरती है. पीयूसी की मदद से पता चलता है कि वाहन का प्रदूषण नियमों के अनुसार है

नई दिल्ली. फोर व्हीलर या टू व्हीलर वाहन आपके पास है तो आपको अपनी गाड़ी का वैलिड पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट बनवा लेना चाहिए. यदि आपने बनवा रखा है तो उसकी एक्सपायरी डेट (Expiry date) भी आप चेक कर लें और उसे रिन्यू करा लें. यदि आप ऐसा नहीं करते है तो आपको 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है. दरअसल पिछले साल केंद्र सरकार ने संशोधित मोटर वाहन अधिनियम (New motor vehicle act) में लागू किया था. जिसमें PUC नहीं होने पर लगने वाला जुर्माना 10 गुना बढ़ा दिया गया है. जिसके बाद पीयूसी नहीं होने पर वाहन चालक को 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा. बता दें इससे पहले यह जुर्माना केवल एक हजार रुपये था.

क्या होता है PUC?

 

पीयूसी सर्टिफिकेट वाहन मालिक को तब मिलता है जब गाड़ी प्रदूषण कंट्रोल मानकों पर खरा उतरती है. इस सर्टिफिकेट की मदद से पता चलता है कि वाहन का प्रदूषण नियमों के अनुसार है. इससे पर्यावरण को नुकसान नहीं है. सभी वाहनों को मान्‍य पीयूसी सर्टिफिकेट हासिल करना जरूरी है. नई गाड़ी के लिए पीयूसी सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं होती है. वाहन के रजिस्‍ट्रेशन के एक साल के बाद पीयूसी सर्टिफिकेट लेने की जरूरत पड़ती है. इसे समय-समय पर री-न्‍यू कराना पड़ता है.

दिल्ली में 1 सितंबर 2019 का संशोधित मोटर वाहन अधिनियम लागू हुआ था. जिसके बाद से वैलिड पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं होने पर लगने वाला जुर्माना बढ़ा दिया गया. इससे पहले पीयूसी नहीं होने पर एक हजार रुपये जुर्माना लगता था. लेकिन संशोधित मोटर वाहन अधिनियम लागू होने के बाद अब 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा. बता दें दस गुना बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में लगभग 1,000 पीयूसी केंद्रों पर अचानक भीड़ बढ़ गई थी और परिवहन विभाग ने उस महीने 14 लाख पीयूसी सर्टिफिकेट जारी किए थे.

 

PUC नहीं तो इंश्योरेंस नहीं
 

SC के आदेश के अनुसार, बीमा कंपनियां यह सुनिश्चित करेंगी कि आप वाहन इंश्योरेंस पॉलिसी के रिन्यू के समय वैलिड पीयूसी पेश करें. अपको बता दें जुलाई 2018 में बढ़ते वाहन प्रदूषण पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बीमा कंपनियों को निर्देश दिया था. शीर्ष अदालत ने कहा था कि जब तक पीयूसी सर्टिफिकेट न जमा किए जाएं तब तक वाहन इंश्योरेंस पॉलिसी री-न्यू न किए जाएं.​​​​​​​​​​​​​​